परं ब्रह्म परं धाम पवित्रं परमं भवान्।
पुरुषं शाश्वतं दिव्यमादिदेवमजं विभुम् ॥ १२ ॥
पुरुषं शाश्वतं दिव्यमादिदेवमजं विभुम् ॥ १२ ॥
paraṃ brahma paraṃ dhāma pavitraṃ paramaṃ bhavān.
puruṣaṃ śāśvataṃ divyamādidevamajaṃ vibhum .. 12 ..
आप परमब्रह्म-परमात्मा, परमधाम—परमतेज और परमपावन हैं तथा आप नित्य और दिव्य पुरुष हैं अर्थात् देवलोक में रहने वाले अलौकिक पुरुष हैं एवं आप सब देवों से पहले होने वाले आदिदेव, अजन्मा और व्यापक हैं ॥ १२ ॥
ऐसे—
तात्पर्य पढ़ें
परं ब्रह्म परमात्मा परं धाम परं तेजः पवित्रं पावनं परमं प्रकृष्टं भवान् पुरुषं शाश्वतं नित्यं दिव्यं दिवि भवम् आदिदेवं सर्वदेवानाम् आदौ भवं देवम् अजं विभुं विभवनशीलम् ॥ १२ ॥
ईदृशम्—