आगम एवं तंत्र
अपना पृथक् प्रामाण्य और दीक्षा-क्रम रखने वाला एक स्वतंत्र प्रकटीकरण-वर्ग — भक्ति-साधना का उपविभाग नहीं। मंदिर-अनुष्ठान, मूर्तिविज्ञान, दीक्षा और गूढ़ साधना, नामांकित गुरु-परंपराओं द्वारा प्रसारित।
वैष्णव आगम
अभी संग्रहित नहींपाञ्चरात्र और वैखानस पद्धतियाँ — परंपरा के अनुसार २१५ संहिताएँ।
शैव आगम
अभी संग्रहित नहींअट्ठाईस आगम, और कश्मीर शैव संग्रह।
शाक्त तन्त्र
अभी संग्रहित नहींदेवी के तंत्र — परंपरा के अनुसार सतहत्तर।