मंत्र एवं जप

वैदिक मूल के मंत्र यहाँ उनके प्रयोजन के अनुसार रखे गए हैं, उनका स्रोत ग्रंथ पर अंकित रहता है — श्रुति में पुनः कभी नहीं दोहराया जाता। प्रतिदिन जपी जाने वाली गायत्री, चाहे उसका उद्गम कहीं भी हो, भक्ति-साधना ही है।

3 ग्रंथ