दर्शन
सुव्यवस्थित दार्शनिक संप्रदाय, प्रत्येक का अपना मूल सूत्र और भाष्य-परंपरा। भाष्य उसी ग्रंथ के साथ रखे जाते हैं जिस पर वे लिखे गए हैं — परन्तु किसी दार्शनिक की भक्ति-रचनाएँ यहाँ नहीं: शंकराचार्य के भाष्य यहाँ हैं, उनके स्तोत्र भक्ति विभाग में। विधा को रचयिता की एकता पर प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि रचयिता का पृष्ठ स्वतः ही उनकी समस्त रचनाएँ एकत्र कर देता है।
न्याय
अभी संग्रहित नहींतर्कशास्त्र और ज्ञानमीमांसा — सम्यक् तर्क का विज्ञान।
वैशेषिक
अभी संग्रहित नहींपरमाणुवाद और पदार्थों की श्रेणियाँ।
सांख्य
अभी संग्रहित नहींगणना — पुरुष और प्रकृति का द्वैतवादी विश्लेषण।
योग
अभी संग्रहित नहींचित्त का अनुशासन — अष्टांग और उनका अभ्यास।
पूर्व मीमांसा
अभी संग्रहित नहींवैदिक विधि-वाक्यों की व्याख्या — कर्मकांड-कर्तव्य का विज्ञान।
वेदान्त
अभी संग्रहित नहींवेद का अंतिम भाग — और उसकी छह प्रमुख उपशाखाएँ।
नास्तिक दर्शन
अभी संग्रहित नहींवे संप्रदाय जो वैदिक प्रामाण्य स्वीकार नहीं करते — तुलनात्मक अध्ययन हेतु संकलित।