इतिहास — महाकाव्य

केवल दो महाकाव्य और उनके अभिन्न अंग। जो रचनाएँ स्वतंत्र रूप से प्रचलित हैं परन्तु किसी महाकाव्य के भीतर से उद्भूत हैं, वे यहीं रहती हैं और उनके साथ एक 'मूल स्रोत' संकेत जुड़ा रहता है — एक ग्रंथ, एक ही स्थान, पहुँचने के अनेक मार्ग। लोकभाषा में पुनर्कथन यहाँ नहीं — पुनर्कथन भक्ति-काव्य है, और भक्ति विभाग में रहता है।

1 ग्रंथ 3 उपविभाग परम्परा · स्मृति

रामायण

अभी संग्रहित नहीं

वाल्मीकि का आदिकाव्य, प्रथम काव्य-रचना — सात काण्ड।

खिल

अभी संग्रहित नहीं

महाकाव्य-संग्रह से संलग्न परिशिष्ट साहित्य।