काव्य
ललित साहित्य — जिसे साहित्य के रूप में पढ़ा जाता है, धार्मिक अनुष्ठान या शिक्षा के रूप में नहीं। परंपरागत वर्गीकरण में इसका कोई स्थान नहीं, और ठीक इसीलिए इसे एक शेल्फ़ चाहिए: इसके बिना कालिदास और पञ्चतंत्र के लिए कोई स्थान ही नहीं बचता।
महाकाव्य
अभी संग्रहित नहींमहान् राजसभा-महाकाव्य — संस्कृत काव्यशास्त्र का सर्वाधिक दुष्कर रूप।
नाटक
अभी संग्रहित नहींसंस्कृत नाट्य साहित्य।
कथा
अभी संग्रहित नहींनीतिकथा, कथा-चौखट और कहानी-साहित्य।
गीति एवं खण्डकाव्य
अभी संग्रहित नहींगीति-काव्य और लघु कविताएँ।
क्षेत्रीय काव्य
अभी संग्रहित नहींक्षेत्रीय भाषाओं में शास्त्रीय साहित्य — इनमें पाँच महान् तमिल महाकाव्य भी सम्मिलित हैं।