ईशावास्योपनिषद् (ईशोपनिषद्) — शांकरभाष्य
Ishavasyopanishad (Ishopanishad) with the Commentary of Sri Sankaracharya
Adi Shankaracharya
मूल संस्कृत मन्त्र, आदि शङ्कराचार्यकृत भाष्य एवं हिन्दी अनुवाद सहित ईशावास्योपनिषद् (गीताप्रेस, गोरखपुर)।
१
भूमिका
Introduction
२
मन्त्र 1
Verse 1
सर्वत्र भगवद्दृष्टि का उपदेश
३
मन्त्र 2
Verse 2
मनुष्यत्वाभिमानी के लिये कर्मविधि
४
मन्त्र 3
Verse 3
अज्ञानी की निन्दा
५
मन्त्र 4
Verse 4
आत्माका स्वरूप
६
मन्त्र 5
Verse 5
७
मन्त्र 6
Verse 6
अभेददर्शी की स्थिति
८
मन्त्र 7
Verse 7
९
मन्त्र 8
Verse 8
आत्मनिरूपण
१०
मन्त्र 9
Verse 9
कर्म और उपासना का समुच्चय
११
मन्त्र 10
Verse 10
कर्म और उपासना के समुच्चय का फल
१२
मन्त्र 11
Verse 11
१३
मन्त्र 12
Verse 12
व्यक्त और अव्यक्त उपासना का समुच्चय
१४
मन्त्र 13
Verse 13
व्यक्त और अव्यक्त उपासना के फल
१५
मन्त्र 14
Verse 14
१६
मन्त्र 15
Verse 15
उपासककी मार्गयाचना
१७
मन्त्र 16
Verse 16
१८
मन्त्र 17
Verse 17
मरणोन्मुख उपासक की प्रार्थना
१९
मन्त्र 18
Verse 18