खण्ड 3 - मन्त्र 7

अथ वायुमब्रुवन्वायवेतद्विजानीहि किमेतद्यक्षमिति तथेति ॥ ७ ॥

atha vāyumabruvanvāyavetadvijānīhi kimetadyakṣamiti tatheti .. 7 ..


तदनन्तर उन देवताओं ने वायु से कहा—‘हे वायो! इस बात को मालूम करो कि यह यक्ष कौन है? ’ उसने कहा—‘बहुत अच्छा’ ॥ ७ ॥