वैतथ्य प्रकरण - कारिका 23

सूक्ष्म इति सूक्ष्मविदः स्थूल इति च तद्विदः ।
मूर्त इति मूर्तविदोऽमूर्त इति च तद्विदः ॥ २३ ॥

sūkṣma iti sūkṣmavidaḥ sthūla iti ca tadvidaḥ .
mūrta iti mūrtavido’mūrta iti ca tadvidaḥ .. 23 ..


सूक्ष्मवेत्ता कहते हैं—‘आत्मा सूक्ष्म (अणु-परिमाण) है ।’ स्थूलवादी (चार्वाकादि) कहते हैं—‘वह स्थूल है ।’ मूर्त्तवादी (साकारोपासक) कहते हैं—‘परमार्थ वस्तु मूर्तिमान् है ।’ तथा अमूर्त्तवादियों (शून्यवादियों)-का कथन है कि वह मूर्त्तिहीन है ॥ २३ ॥