अद्वैत प्रकरण

48 श्लोक हिं उपलब्ध

अद्वैत प्रकरण - कारिका 1

भेददर्शी कृपण है

अद्वैत प्रकरण - कारिका 2

अकार्पण्यनिरूपण की प्रतिज्ञा

अद्वैत प्रकरण - कारिका 3

जीव की उत्पत्ति के विषय में दृष्टान्त

अद्वैत प्रकरण - कारिका 4

जीव के विलीन होने में दृष्टान्त

अद्वैत प्रकरण - कारिका 5

आत्मा की असङ्गता में दृष्टान्त

अद्वैत प्रकरण - कारिका 6

व्यावहारिक जीवभेद

अद्वैत प्रकरण - कारिका 7

जीव आत्मा का विकार या अवयव नहीं है

अद्वैत प्रकरण - कारिका 8

आत्मा की मलिनता अज्ञानियों की दृष्टि में है

अद्वैत प्रकरण - कारिका 9

१०

अद्वैत प्रकरण - कारिका 10

११

अद्वैत प्रकरण - कारिका 11

१२

अद्वैत प्रकरण - कारिका 12

१३

अद्वैत प्रकरण - कारिका 13

आत्मैकत्व ही समीचीन है
१४

अद्वैत प्रकरण - कारिका 14

श्रुत्युक्त जीव-ब्रह्मभेद गौण है
१५

अद्वैत प्रकरण - कारिका 15

दृष्टान्तयुक्त उत्पत्ति-श्रुतिकी व्यवस्था
१६

अद्वैत प्रकरण - कारिका 16

त्रिविध अधिकारी और उनके लिये उपासनाविधि
१७

अद्वैत प्रकरण - कारिका 17

अद्वैतात्मदर्शन किसीका विरोधी नहीं है
१८

अद्वैत प्रकरण - कारिका 18

अद्वैतात्मदर्शन के अविरोधी होने में हेतु
१९

अद्वैत प्रकरण - कारिका 19

आत्मा में भेद मायाही के कारण है
२०

अद्वैत प्रकरण - कारिका 20

जीवोत्पत्ति सर्वथा असंगत है
२१

अद्वैत प्रकरण - कारिका 21

२२

अद्वैत प्रकरण - कारिका 22

उत्पत्तिशील जीव अमर नहीं हो सकता
२३

अद्वैत प्रकरण - कारिका 23

सृष्टिश्रुति की संगति
२४

अद्वैत प्रकरण - कारिका 24

२५

अद्वैत प्रकरण - कारिका 25

श्रुति कार्य और कारण दोनों का प्रतिषेध करती है
२६

अद्वैत प्रकरण - कारिका 26

अनात्मप्रतिषेध से अजन्मा आत्मा प्रकाशित होता है
२७

अद्वैत प्रकरण - कारिका 27

सद्वस्तु की उत्पत्ति मायिक होती है
२८

अद्वैत प्रकरण - कारिका 28

असद्वस्तु की उत्पत्ति सर्वथा असम्भव है
२९

अद्वैत प्रकरण - कारिका 29

३०

अद्वैत प्रकरण - कारिका 30

स्वप्न और जागृति मन के ही विलास हैं
३१

अद्वैत प्रकरण - कारिका 31

३२

अद्वैत प्रकरण - कारिका 32

तत्त्वबोध से अमनीभाव
३३

अद्वैत प्रकरण - कारिका 33

आत्मज्ञान किसे होता है?
३४

अद्वैत प्रकरण - कारिका 34

शान्तवृत्ति का स्वरूप
३५

अद्वैत प्रकरण - कारिका 35

सुषुप्ति और समाधिका भेद
३६

अद्वैत प्रकरण - कारिका 36

ब्रह्मका स्वरूप
३७

अद्वैत प्रकरण - कारिका 37

३८

अद्वैत प्रकरण - कारिका 38

३९

अद्वैत प्रकरण - कारिका 39

अस्पर्शयोग की दुर्गमता
४०

अद्वैत प्रकरण - कारिका 40

अन्य योगियों की शान्ति मनोनिग्रह के अधीन है
४१

अद्वैत प्रकरण - कारिका 41

मनोनिग्रह धैर्यपूर्वक ही हो सकता है
४२

अद्वैत प्रकरण - कारिका 42

मनोनिग्रहके विघ्न
४३

अद्वैत प्रकरण - कारिका 43

४४

अद्वैत प्रकरण - कारिका 44

४५

अद्वैत प्रकरण - कारिका 45

४६

अद्वैत प्रकरण - कारिका 46

मन कब ब्रह्मरूप होता है?
४७

अद्वैत प्रकरण - कारिका 47

४८

अद्वैत प्रकरण - कारिका 48

परमार्थसत्य क्या है?