खण्ड 1

10 श्लोक हिं उपलब्ध

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 1

अग्नि से स्फुलिंगों के समान ब्रह्म से जगत् की उत्पत्ति

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 2

ब्रह्मका पारमार्थिक स्वरूप

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 3

ब्रह्मका सर्वकारणत्व

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 4

सर्वभूतान्तरात्मा ब्रह्मका विश्वरूप

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 5

अक्षर पुरुषसे चराचरकी उत्पत्तिका क्रम

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 6

कर्म और उनके साधन भी पुरुषप्रसूत ही हैं

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 7

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 8

इन्द्रिय, विषय और इन्द्रिय-स्थानादि भी ब्रह्मजनित ही हैं

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 9

पर्वत, नदी और ओषधि आदि का ब्रह्मजन्यत्व
१०

मुण्डक 2 खण्ड 1 - मन्त्र 10

ब्रह्म और जगत् का अभेद तथा ब्रह्मज्ञान से अविद्याग्रन्थि का नाश