१ - बालकाण्ड

1 - Baal Kaand

बालकाण्ड में प्रभु राम के जन्म से लेकर राम-विवाह तक के घटनाक्रम आते हैं ।

58 श्लोक हिं · Eng उपलब्ध

भाग - १

Part - 1
मङ्गलाचरण

भाग - २

Part - 2
गुरु-वन्दना

भाग - ३

Part - 3
ब्राह्मण-संत-वंदना

भाग - ४

Part - 4
खल-वन्दना

भाग - ५

Part - 5
संत-असंत-वन्दना

भाग - ६

Part - 6
रामरूप से जीवमात्र की वन्दना

भाग - ७

Part - 7
तुलसीदासजी की दीनता और राम भक्तिमयी कविता की महिमा

भाग - ८

Part - 8
कवि-वन्दना

भाग - ९

Part - 9
वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदि की वन्दना
१०

भाग - १०

Part - 10
श्रीसीताराम-धाम-परिकर-वन्दना
११

भाग - ११

Part - 11
श्री नाम-वन्दना और नाम-महिमा
१२

भाग - १२

Part - 12
श्री रामगुण और श्री रामचरित् की महिमा
१३

भाग - १३

Part - 13
मानस निर्माण की तिथि
१४

भाग - १४

Part - 14
मानस का रूप और माहात्म्य
१५

भाग - १५

Part - 15
याज्ञवल्क्य-भरद्वाज-संवाद तथा प्रयाग-माहात्म्य
१६

भाग - १६

Part - 16
सती का भ्रम, श्रीरामजी का ऐश्वर्य और सती का खेद
१७

भाग - १७

Part - 17
शिवजी द्वारा सती का त्याग, शिवजी की समाधि
१८

भाग - १८

Part - 18
सती का दक्ष-यज्ञ में जाना
१९

भाग - १९

Part - 19
पति के अपमान से दुःखी होकर सती का योगाग्नि से जल जाना, दक्ष-यज्ञ-विध्वंस
२०

भाग - २०

Part - 20
पार्वती का जन्म और तपस्या
२१

भाग - २१

Part - 21
श्रीरामजी का शिवजी से विवाह के लिये अनुरोध
२२

भाग - २२

Part - 22
सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वतीजी का महत्त्व
२३

भाग - २३

Part - 23
कामदेव का देवकार्य के लिये जाना और भस्म होना
२४

भाग - २४

Part - 24
रति को वरदान
२५

भाग - २५

Part - 25
देवताओं का शिवजी से ब्याह के लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियों का पार्वती के पास जाना
२६

भाग - २६

Part - 26
शिवजी की विचित्र बारात और विवाह की तैयारी
२७

भाग - २७

Part - 27
शिवजी का विवाह
२८

भाग - २८

Part - 28
शिव-पार्वती-संवाद
२९

भाग - २९

Part - 29
अवतार के हेतु
३०

भाग - ३०

Part - 30
नारद का अभिमान और माया का प्रभाव
३१

भाग - ३१

Part - 31
विश्वमोहिनी का स्वयंवर, शिवगणों को तथा भगवान को शाप और नारद का मोह-भङ्ग
३२

भाग - ३२

Part - 32
मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
३३

भाग - ३३

Part - 33
भानुप्रताप की कथा
३४

भाग - ३४

Part - 34
रावणादि का जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
३५

भाग - ३५

Part - 35
पृथ्वी और देवतादि की करुण पुकार
३६

भाग - ३६

Part - 36
भगवान् का वरदान
३७

भाग - ३७

Part - 37
राजा दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ, रानियों का गर्भवती होना
३८

भाग - ३८

Part - 38
श्री भगवान् का प्राकट्य और बाललीला का आनन्द
३९

भाग - ३९

Part - 39
विश्वामित्र का राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को माँगना
४०

भाग - ४०

Part - 40
विश्वामित्र-यज्ञ की रक्षा
४१

भाग - ४१

Part - 41
अहल्या-उद्धार
४२

भाग - ४२

Part - 42
श्रीराम-लक्ष्मण सहित विश्वामित्र का जनकपुर में प्रवेश
४३

भाग - ४३

Part - 43
श्रीराम-लक्ष्मण को देखकर जनकजी की प्रेम-मुग्धता
४४

भाग - ४४

Part - 44
श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर-निरीक्षण
४५

भाग - ४५

Part - 45
पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजी का प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजी का परस्पर दर्शन
४६

भाग - ४६

Part - 46
श्रीसीताजी का पार्वती-पूजन एवं वरदान प्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद
४७

भाग - ४७

Part - 47
श्रीराम-लक्ष्मण सहित विश्वामित्र का यज्ञशाला में प्रवेश
४८

भाग - ४८

Part - 48
श्रीसीताजी का यज्ञशाला में प्रवेश, वन्दीजनों द्वारा जनक प्रतिज्ञा की घोषणा
४९

भाग - ४९

Part - 49
राजाओं से धनुष न उठना, जनक की निराशा-जनक वाणी
५०

भाग - ५०

Part - 50
श्रीलक्ष्मणजी का क्रोध
५१

भाग - ५१

Part - 51
धनुषभङ्ग
५२

भाग - ५२

Part - 52
जयमाल पहनाना
५३

भाग - ५३

Part - 53
श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
५४

भाग - ५४

Part - 54
दशरथजी के पास जनकजी का दूत भेजना, अयोध्या से बारात का प्रस्थान
५५

भाग - ५५

Part - 55
बारात का जनकपुर में आना और स्वागतादि
५६

भाग - ५६

Part - 56
श्रीसीता-राम-विवाह
५७

भाग - ५७

Part - 57
बारात का अयोध्या लौटना और अयोध्या में आनन्द
५८

भाग - ५८

Part - 58
श्रीरामचरित सुनने-गाने की महिमा