२ - अयोध्याकाण्ड

2 - Ayodhya Kaand

अयोध्याकांड में श्रीराम वनगमन से लेकर श्रीराम-भरत मिलाप तक के घटनाक्रम आते हैं ।

49 श्लोक हिं · Eng उपलब्ध

भाग - १

Part - 1
मङ्गलाचरण

भाग - २

Part - 2
रामराज्याभिषेक की तैयारी, देवताओं की व्याकुलता तथा सरस्वतीजी से उनकी प्रार्थना

भाग - ३

Part - 3
सरस्वती का मन्थरा की बुद्धि फेरना, कैकेयी मन्थरा-संवाद

भाग - ४

Part - 4
कैकेयी का कोपभवन में जाना

भाग - ५

Part - 5
दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्र का महल में जाना और वहाँ से लौटकर श्रीरामजी को महल में भेजना

भाग - ६

Part - 6
श्रीराम-कैकेयी-संवाद

भाग - ७

Part - 7
श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध वासियों का विषाद, कैकेयी को समझाना

भाग - ८

Part - 8
श्रीराम-कौसल्या-संवाद

भाग - ९

Part - 9
श्रीसीता-राम-संवाद
१०

भाग - १०

Part - 10
श्रीराम-कौसल्या-सीता-संवाद
११

भाग - ११

Part - 11
श्रीराम-लक्ष्मण-संवाद
१२

भाग - १२

Part - 12
श्रीलक्ष्मण-सुमित्रा-संवाद
१३

भाग - १३

Part - 13
श्रीरामजी, लक्ष्मणजी, सीताजी का महाराज दशरथ के पास विदा माँगने जाना, दशरथजी का सीताजी को समझाना
१४

भाग - १४

Part - 14
श्रीराम-सीता-लक्ष्मण का वन-गमन और नगर-निवासियों को सोये छोड़कर आगे बढ़ना
१५

भाग - १५

Part - 15
श्रीराम का श्रृङ्गवेरपुर पहुँचना, निषाद के द्वारा सेवा
१६

भाग - १६

Part - 16
लक्ष्मण-निषाद-संवाद, श्रीराम-सीता से सुमन्त्र का संवाद, सुमन्त्र का लौटना
१७

भाग - १७

Part - 17
केवट का प्रेम और गङ्गा-पार जाना
१८

भाग - १८

Part - 18
प्रयाग पहुँचना, भरद्वाज-संवाद, यमुनातीर निवासियों का प्रेम
१९

भाग - १९

Part - 19
तापस-प्रकरण
२०

भाग - २०

Part - 20
यमुना को प्रणाम, वनवासियों का प्रेम
२१

भाग - २१

Part - 21
श्रीराम-वाल्मीकि-संवाद
२२

भाग - २२

Part - 22
चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों के द्वारा सेवा
२३

भाग - २३

Part - 23
सुमन्त्र का अयोध्या को लौटना और सर्वत्र शोक देखना
२४

भाग - २४

Part - 24
दशरथ-सुमन्त्र-संवाद, दशरथ-मरण
२५

भाग - २५

Part - 25
मुनि वसिष्ठ का भरत को बुलाने के लिये दूत भेजना
२६

भाग - २६

Part - 26
श्रीभरत-शत्रुघ्न का आगमन और शोक
२७

भाग - २७

Part - 27
भरत-कौसल्या-संवाद और दशरथजी की अन्त्येष्टि क्रिया
२८

भाग - २८

Part - 28
वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजी को लाने के लिये चित्रकूट जाने की तैयारी
२९

भाग - २९

Part - 29
अयोध्यावासियों सहित श्रीभरत-शत्रुघ्न आदि का वन-गमन
३०

भाग - ३०

Part - 30
निषाद की शङ्का और सावधानी
३१

भाग - ३१

Part - 31
भरत-निषाद-मिलन और संवाद और भरतजी का तथा नगरवासियों का प्रेम
३२

भाग - ३२

Part - 32
भरतजी का प्रयाग जाना और भरत-भरद्वाज-संवाद
३३

भाग - ३३

Part - 33
भरद्वाज द्वारा भरत का सत्कार
३४

भाग - ३४

Part - 34
इन्द्र-बृहस्पति-संवाद
३५

भाग - ३५

Part - 35
भरतजी चित्रकूट के मार्ग में
३६

भाग - ३६

Part - 36
श्रीसीताजी का स्वप्न, श्रीरामजी को कोल-किरातों द्वारा भरतजी के आगमन की सूचना, रामजीका शोक, लक्ष्मणजी का क्रोध
३७

भाग - ३७

Part - 37
श्रीरामजी का लक्ष्मणजी को समझाना एवं भरतजी की महिमा कहना
३८

भाग - ३८

Part - 38
भरतजी का मन्दाकिनी-स्नान, चित्रकूट में पहुँचना, भरतादि सबका परस्पर मिलाप, पिता का शोक और श्राद्ध
३९

भाग - ३९

Part - 39
वनवासियों द्वारा भरतजी की मण्डली का सत्कार, कैकेयी का पश्चात्ताप
४०

भाग - ४०

Part - 40
श्रीवसिष्ठजी का भाषण
४१

भाग - ४१

Part - 41
श्रीराम-भरतादि का संवाद
४२

भाग - ४२

Part - 42
जनकजी का पहुँचना, कोल-किरातादि की भेंट, सबका परस्पर मिलाप
४३

भाग - ४३

Part - 43
कौसल्या-सुनयना-संवाद, श्रीसीताजी का शील
४४

भाग - ४४

Part - 44
जनक-सुनयना-संवाद, भरतजी की महिमा
४५

भाग - ४५

Part - 45
जनक-वसिष्ठादि-संवाद, इन्द्र की चिन्ता, सरस्वती का इन्द्र को समझाना
४६

भाग - ४६

Part - 46
श्रीराम-भरत-संवाद
४७

भाग - ४७

Part - 47
भरतजी का तीर्थ-जल-स्थापन तथा चित्रकूट भ्रमण
४८

भाग - ४८

Part - 48
श्रीराम-भरत-संवाद, पादुका-प्रदान, भरतजी की विदाई
४९

भाग - ४९

Part - 49
भरतजी का अयोध्या लौटना, भरतजी द्वारा पादुका की स्थापना, नन्दिग्राम में निवास और श्रीभरतजी के चरित्र-श्रवण की महिमा