५ - सुन्दरकाण्ड

5 - Sundar Kaand

सुंदरकाण्ड में हनुमान का लंका प्रस्थान, लंका दहन से लंका से वापसी तक के घटनाक्रम आते हैं ।

19 श्लोक हिं · Eng उपलब्ध

भाग - १

Part - 1
मङ्गलाचरण

भाग - २

Part - 2
हनुमान् जी लङ्का को प्रस्थान, सुरसा से भेंट, छाया पकड़ने वाली राक्षसी का वध

भाग - ३

Part - 3
लङ्का वर्णन, लङ्किनी पर प्रहार, लङ्का में प्रवेश

भाग - ४

Part - 4
हनुमान्-विभीषण-संवाद

भाग - ५

Part - 5
हनुमान् जी अशोक-वाटिका में सीता को देखकर दुखी होना और रावण का सीताजी को भय दिखलाना

भाग - ६

Part - 6
श्रीसीता-त्रिजटा-संवाद

भाग - ७

Part - 7
श्रीसीता-हनुमान्-संवाद

भाग - ८

Part - 8
हनुमानजी द्वारा अशोक-वाटिका-विध्वंस, अक्षय-कुमार-वध और मेघनाद का हनुमान् जी को नागपाश में बाँधकर सभा में ले जाना

भाग - ९

Part - 9
हनुमान्-रावण-संवाद
१०

भाग - १०

Part - 10
लङ्का दहन
११

भाग - ११

Part - 11
लङ्का जलाने के बाद हनुमान् जी का सीताजी से विदा माँगना और चूड़ामणि पाना
१२

भाग - १२

Part - 12
समुद्र के इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
१३

भाग - १३

Part - 13
श्रीरामजी का वानरों की सेना के साथ चलकर समुद्र तट पर पहुँचना
१४

भाग - १४

Part - 14
मंदोदरी-रावण-संवाद
१५

भाग - १५

Part - 15
रावण को विभीषण का समझाना और विभीषण का अपमान
१६

भाग - १६

Part - 16
विभीषण का भगवान् श्रीरामजी की शरण के लिये प्रस्थान और शरण प्राप्ति
१७

भाग - १७

Part - 17
समुद्र पार करने के लिये विचार, रावण दूत शुक का आना और लक्ष्मणजी के पत्र को लेकर लौटना
१८

भाग - १८

Part - 18
दूत का रावण को समझाना और लक्ष्मणजी का पत्र देना
१९

भाग - १९

Part - 19
समुद्र पर श्रीरामजी का क्रोध और समुद्र की विनती, श्रीरामगुणगान की महिमा