७ - उत्तरकाण्ड
7 - Uttar Kaand
उत्तरकाण्ड में राज्याभिषेक से काकभुशुण्डि तक के घटनाक्रम आते हैं ।
१
भाग - १
Part - 1
मङ्गलाचरण
२
भाग - २
Part - 2
भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्या में आनन्द
३
भाग - ३
Part - 3
श्रीरामजी का स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द
४
भाग - ४
Part - 4
राम-राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
५
भाग - ५
Part - 5
वानरों की और निषाद की विदाई
६
भाग - ६
Part - 6
रामराज्य का वर्णन
७
भाग - ७
Part - 7
पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजी की रमणीयता, सनकादि का आगमन और संवाद
८
भाग - ८
Part - 8
हनुमान् जी के द्वारा भरतजी का प्रश्न और श्रीरामजी का उपदेश
९
भाग - ९
Part - 9
श्रीरामजी का प्रजा को उपदेश (श्रीरामगीता), पुरवासियों की कृतज्ञता
१०
भाग - १०
Part - 10
श्रीराम-वसिष्ठ-संवाद, श्रीरामजी का भाइयों सहित अमराई में जाना
११
भाग - ११
Part - 11
नारदजी का आना और स्तुति करके ब्रह्मलोक को लौट जाना
१२
भाग - १२
Part - 12
शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जी का काकभुशुण्डि से राम-कथा और राम-महिमा सुनना
१३
भाग - १३
Part - 13
काकभुशुण्डि का अपनी पूर्व जन्म कथा और कलि महिमा कहना
१४
भाग - १४
Part - 14
गुरुजी का अपमान एवं शिवजी के शाप की बात सुनना
१५
भाग - १५
Part - 15
रुद्राष्टक
१६
भाग - १६
Part - 16
गुरुजी का शिवजी से अपराध-क्षमापन, शापानुग्रह और काकभुशुण्डि की आगे की कथा
१७
भाग - १७
Part - 17
काकभुशुण्डिजी का लोमशजी के पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
१८
भाग - १८
Part - 18
ज्ञान-भक्ति-निरूपण, ज्ञान-दीपक और भक्ति की महान् महिमा
१९
भाग - १९
Part - 19
गरुड़जी के सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डि के उत्तर
२०
भाग - २०
Part - 20
भजन-महिमा
२१
भाग - २१
Part - 21
रामायण-माहात्म्य, तुलसी-विनय और फलस्तुति, रामायणजी की आरती