७ - उत्तरकाण्ड

7 - Uttar Kaand

उत्तरकाण्ड में राज्याभिषेक से काकभुशुण्डि तक के घटनाक्रम आते हैं ।

21 श्लोक हिं · Eng उपलब्ध

भाग - १

Part - 1
मङ्गलाचरण

भाग - २

Part - 2
भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्या में आनन्द

भाग - ३

Part - 3
श्रीरामजी का स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द

भाग - ४

Part - 4
राम-राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति

भाग - ५

Part - 5
वानरों की और निषाद की विदाई

भाग - ६

Part - 6
रामराज्य का वर्णन

भाग - ७

Part - 7
पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजी की रमणीयता, सनकादि का आगमन और संवाद

भाग - ८

Part - 8
हनुमान् जी के द्वारा भरतजी का प्रश्न और श्रीरामजी का उपदेश

भाग - ९

Part - 9
श्रीरामजी का प्रजा को उपदेश (श्रीरामगीता), पुरवासियों की कृतज्ञता
१०

भाग - १०

Part - 10
श्रीराम-वसिष्ठ-संवाद, श्रीरामजी का भाइयों सहित अमराई में जाना
११

भाग - ११

Part - 11
नारदजी का आना और स्तुति करके ब्रह्मलोक को लौट जाना
१२

भाग - १२

Part - 12
शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जी का काकभुशुण्डि से राम-कथा और राम-महिमा सुनना
१३

भाग - १३

Part - 13
काकभुशुण्डि का अपनी पूर्व जन्म कथा और कलि महिमा कहना
१४

भाग - १४

Part - 14
गुरुजी का अपमान एवं शिवजी के शाप की बात सुनना
१५

भाग - १५

Part - 15
रुद्राष्टक
१६

भाग - १६

Part - 16
गुरुजी का शिवजी से अपराध-क्षमापन, शापानुग्रह और काकभुशुण्डि की आगे की कथा
१७

भाग - १७

Part - 17
काकभुशुण्डिजी का लोमशजी के पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
१८

भाग - १८

Part - 18
ज्ञान-भक्ति-निरूपण, ज्ञान-दीपक और भक्ति की महान् महिमा
१९

भाग - १९

Part - 19
गरुड़जी के सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डि के उत्तर
२०

भाग - २०

Part - 20
भजन-महिमा
२१

भाग - २१

Part - 21
रामायण-माहात्म्य, तुलसी-विनय और फलस्तुति, रामायणजी की आरती