वल्ली 1 अनुवाक 1 - मंगलाचरण 2

यैरिमे गुरुभिः पूर्वं पदवाक्यप्रमाणतः ।
व्याख्याताः सर्ववेदान्तास्तान्नित्यं प्रणतोऽस्म्यहम् ॥ २ ॥

yairime gurubhiḥ pūrvaṃ padavākyapramāṇataḥ .
vyākhyātāḥ sarvavedāntāstānnityaṃ praṇato’smyaham .. 2 ..


पूर्वकाल में जिन गुरुजनों ने पद, वाक्य और प्रमाणों के विवेचनपूर्वक इन सम्पूर्ण वेदान्तों (उपनिषदों)-की व्याख्या की है, उन्हें मैं सर्वदा नमस्कार करता हूँ ॥ २ ॥