वल्ली 1 अनुवाक 1 - मन्त्र 1

इति शीक्षावल्ल्यां प्रथमोऽनुवाकः ॥ १ ॥


द्वितीय अनुवाक

शीक्षाकी व्याख्या

उपनिषद् अर्थज्ञानप्रधान है [अर्थात् अर्थज्ञान ही इसमें मुख्य है], अतः इस ग्रन्थके अध्ययनका प्रयत्न शिथिल न हो जाय—इसलिये पहले शीक्षाध्याय आरम्भ किया जाता है—
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अर्थज्ञानप्रधानत्वादुपनिषदो ग्रन्थपाठे यत्नोपरमो मा भूदिति शीक्षाध्याय आरभ्यते—