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अनुवाक 6
2
श्लोक
हिं
उपलब्ध
१
वल्ली 3 अनुवाक 6 - मन्त्र 1
विज्ञान ही ब्रह्म है—ऐसा जानकर और उसमें ब्रह्म के लक्षण घटाकर भृगु का पुनः वरुण के पास आना और उसके उपदेश से पुनः तप करना
२
वल्ली 3 अनुवाक 6 - मन्त्र 1
आनन्द ही ब्रह्म है—ऐसा भृगु का निश्चय करना तथा इस भार्गवी वारुणी विद्या का महत्त्व और फल